समय पर जमा करें स्थानीय क्षेत्र विकास निधि : तोरुल एस रवीश
कुल्लू: स्थानीय क्षेत्र विकास समिति (एलडीएएफ) की बैठक आज उपायुक्त, तोरुल एस. रवीश की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित तथा निर्माणाधीन मिनी हाइड्रो पावर परियोजनाओं से संबंधित स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के प्रावधानों, प्रगति एवं अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई।
⚠️ मुख्य निर्देश: देरी होने पर लगेगा दंडात्मक ब्याज (Penal Interest)
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयावधि में राशि जमा न करवाने की स्थिति में संबंधित परियोजना पर पैनल इंटरेस्ट लगाया जा सकता है।
उपायुक्त ने एलडीएएफ नीति के अंतर्गत निर्धारित प्रभावित क्षेत्रों, जोन एवं प्रभावित परिवारों की पहचान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन परियोजनाओं द्वारा अब तक यह पहचान नहीं की गई है, उन्हें एक माह की समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि एलडीएएफ के अंतर्गत जमा की गई राशि का उद्देश्य परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्रों में विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी कार्यों को क्रियान्वित करना है, जिससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो सके। इसके लिए निधि का समय पर जमा होना और उसका प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग अनिवार्य है।
📍 बैठक के मुख्य बिंदु:
- भविष्य में बैठकों में केवल प्रबंधन स्तर के अधिकारी ही भाग लें।
- सभी अभिलेख संबंधित लोकल एसडीएम कार्यालय में जमा होना अनिवार्य है।
- लीज डीड की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें।
- CSR के तहत संपर्क मार्गों का सुधार और स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
बैठक का संचालन अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने किया। इस अवसर पर एसडीएम मनाली रमन कुमार शर्मा, एसडीएम कुल्लू निशांत ठाकुर, डीआरओ सुरभि नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं हाइड्रो पावर परियोजनाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
"हाइड्रो पावर परियोजनाओं का विकास स्थानीय समुदाय के हितों के साथ संतुलित होना चाहिए।"
— तोरुल एस. रवीश (उपायुक्त, कुल्लू)