उपायुक्त ने की ठोस एवं प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की समीक्षा, समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश
कुल्लू, 03 जनवरी: उपायुक्त कुल्लू, तोरुल एस रवीश की अध्यक्षता में शनिवार को जिला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) से संबंधित मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।
बैठक में माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पारित आदेशों की अनुपालना पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने एनजीटी के निर्देशों के अनुसार ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के तहत वैकल्पिक एवं प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और जिला पर्यावरण समिति के साथ समन्वय कर कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मणिकरण और कसोल क्षेत्र पर विशेष ध्यान
बैठक में कसोल स्थित एमआरएफ साइट (MRF Site) के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा, साडा (SADA) मणिकरण क्षेत्र में कचरा संग्रहण की वर्तमान व्यवस्था और 'डंपिंग हॉट स्पॉट्स' पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के कदमों पर विस्तार से चर्चा हुई।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट
कुल्लू जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न विकास खंडों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU) की स्थापना हेतु स्थलों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने चिन्हित स्थानों में वन संरक्षण अधिनियम (FCA) तथा वन अधिकार अधिनियम (FRA) के अंतर्गत आवश्यक स्वीकृतियों पर रिपोर्ट ली और अधिकारियों को जल्द कार्यवाही के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी: इस बैठक में एडीसी अश्वनी कुमार, एसडीएम निशांत ठाकुर, टीसीपी घनश्याम कुमार, डीपीओ दया राम ठाकुर सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।