शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान युवाओं के रोजगार का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। इस दौरान सरकार से लॉटरी और जुए को बढ़ावा देने के बजाय प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने की मांग की गई।
विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के 5 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। अब चार साल बीतने के बाद प्रदेश का युवा सरकार से अपने इसी हक का जवाब मांग रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी की जरूरत है, लॉटरी की नहीं। प्रदेश के युवा अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए रोजगार चाहते हैं, न कि जुए का सहारा। सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि सरकार चुनावी वादे के मुताबिक 5 लाख रोजगार देने की दिशा में किए गए कार्यों का पूरा हिसाब प्रदेश की जनता के सामने रखे।
उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद कर रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल का युवा अब अपने रोजगार के अधिकार को लेकर जागरूक हो चुका है और इसके लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।