आस्था और ऊर्जा का दिव्य संगम निरंकारी यूथ फोरम के युवा खेलों ने जगाई नई प्रेरणा।

आस्था और ऊर्जा का दिव्य संगम निरंकारी यूथ फोरम के युवा खेलों ने जगाई नई प्रेरणा। *खेल युवा शक्ति को सेवा और एकत्व की ओर प्रेरित करते हैं।* *-निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज* *कुल्लू, 30 अप्रैल, 2026ः-* निरंकारी यूथ फोरम के खेलों का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के मनमोहक स्थल ढालपुर मैदान में परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन सान्निध्य में हुआ। यह आयोजन निरंकारी यूथ फोरम द्वारा जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ, जिसने क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सतगुरु के पावन करकमलों द्वारा ध्वजारोहण एवं मशाल प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को उत्साह, ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा से आलोकित कर दिया। युवाओं का जोश, अनुशासन और समर्पण इतना प्रभावशाली था कि “शाबाश” के स्वर से समूचा परिसर गुंजायमान हो उठा। सतगुरु माता जी ने अपने आर्शीवचनों में फरमाया कि ये खेल केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि “नृत्य-व्यम” के भाव के साथ अपने शरीर को निरंकार की सेवा में समर्पित करने का एक पावन अवसर हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दातार की कृपा से पूरे आयोजन में उत्कृष्ट समन्वय और एकजुटता देखने को मिली, भले ही कुछ खेल परिस्थितियों के कारण स्थगित करने पड़े।
इस आयोजन का विशेष महत्व इस बात में निहित है कि यह युवाओं को आध्यात्मिकता, अनुशासन, सेवा और एकत्व के मूल्यों से जोड़ता है। यह एक बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी मंच है, जहाँ “बेरंग में अनेक रंग” की भावना साकार होती है-अर्थात विविधता में एकता का जीवंत संगम।
कार्यक्रम के दौरान टीमवर्क और सामूहिकता का सशक्त संदेश दिया गया कि सच्ची जीत वही है, जिसमें सभी को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए। साथ ही युवाओं को प्रेरित किया गया कि वे तन, मन और धन से सेवा भाव बनाए रखें तथा निरंकारी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर उसे सार्थक और सफल बनाएं।

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