कुल्लू। देवी-देवता कारदार संघ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए देव संस्कृति चैरिटेबल संस्था के मुख्य ट्रस्टी ओम प्रकाश शर्मा ने संघ में कई फर्जी ओहदेदार होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोग संघ में पदाधिकारी बने हुए हैं, जिनके पास न तो देवता हैं और न ही उनके कारदार होने का प्रमाण है। ढालपुर स्थित अटल सदन में पत्रकारों से बातचीत में शर्मा ने कहा कि कारदार संघ की मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल वर्ष 2024 में समाप्त हो चुका है। ऐसे में कार्यकारिणी की ओर से लिए जा रहे फैसलों और प्रस्तावों की वैधता पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से संघ में शामिल 136 कारदारों की सदस्यता और पात्रता की जांच करवाने की मांग की।
बजंतरी को पहले मिले नजराना
ओम प्रकाश शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं के साथ आने वाले बजंतरी संघ को उत्सव से पहले 23-23 हजार रुपये नजराना देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बजंतरी कई दिनों तक देव सेवा में रहते हैं और उनमें कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंधित हैं। उन्होंने दावा किया कि दशहरा उत्सव समिति की बैठक में पहले नजराना देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन बाद में कारदार संघ की ओर से इसे उत्सव से पहले नहीं देने का प्रस्ताव रखा गया। शर्मा ने प्रशासन से इस प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की।
देव संस्कृति में पारदर्शिता की मांग
शर्मा ने कहा कि देव संस्कृति को किसी भी तरह के विवाद या स्वार्थ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से कारदारों की पात्रता, नजराने और देवी-देवताओं की संपत्ति से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बरतने की मांग की। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं की जमीन से जुड़े मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। यदि कहीं जमीन की बिक्री अथवा अन्य अनियमितता सामने आती है तो संबंधित मामलों की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।