लोकधुनों से गूंजा देवसदन, के. आर. पंछी को मिला ‘सूत्रधार कला रत्न’ सम्मान


कुल्लू। देवसदन का सभागार रविवार को हिमाचली लोकगीतों और लोकधुनों से गूंज उठा। मौका था सूत्रधार कला संगम कुल्लू की ओर से प्रसिद्ध गीतकार एवं संगीतकार के. आर. पंछी के सम्मान में आयोजित ‘एक शाम पंछी जी के नाम’ कार्यक्रम का। कार्यक्रम में कलाकारों ने पंछी जी की लोकप्रिय रचनाओं को अपनी शानदार प्रस्तुतियों के जरिए जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में सूत्रधार कला संगम के कलाकारों के अलावा संगीत सदन मंडी और ओल्ड बॉयज मंडी के कलाकारों ने भी गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। हिमाचली लोकधुनों पर आधारित प्रस्तुतियों को दर्शकों की खूब सराहना मिली। कार्यक्रम के मुख्यतिथि बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि सूत्रधार कला संगम ने 49 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश किया है। संस्था हिमाचली कला, संस्कृति, साहित्य और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बंजार के मंगलौर क्षेत्र से संबंध रखने वाले के. आर. पंछी ने अपनी रचनाओं और संगीत के माध्यम से हिमाचली संस्कृति को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘सूत्रधार कला रत्न सम्मान’ रहा। के. आर. पंछी को कुल्लवी परंपरा के अनुसार शाल, टोपी, स्मृति चिन्ह और सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा के.सी. शर्मा, रीता शर्मा, तेजेंद्र वशिष्ठ और डॉ. सूरत ठाकुर को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान लोक गायक धर्मेंद्र शर्मा ने के. आर. पंछी के सम्मान में विशेष रूप से तैयार किया गया गीत प्रस्तुत किया। गीत की प्रस्तुति पर विधायक सुरेंद्र शौरी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए और कलाकारों के साथ नृत्य कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस पर सभागार तालियों से गूंज उठा कार्यक्रम में पंचायत समिति बंजार की अध्यक्षा लता ठाकुर, जिला परिषद सदस्य अनिल राणा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सूत्रधार कला संगम के अध्यक्ष दिनेश सेन ने सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों का आभार जताया। कार्यक्रम ने हिमाचली लोक संगीत और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया।

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